८४म सगर राति दीप जरय २० दिसम्‍बरक साँझमे शुरू भ' २१ दिसम्‍बर २०१४क भिनसरमे सम्‍पन्न (रिपोर्ट 79-80-81-82-83-84 म सगर राति दीप जरय- उमेश मण्डल)



म सगर राति दीप जरय २० दिसम्‍बरक साँझमे शुरू भ' २१ दिसम्‍बर २०१४क भिनसरमे सम्‍पन्न भेल। ८५म आयोजन भागलपुरमे श्री ओम प्रकाश झा केर संयोजकत्‍वमे मार्च २०१५क अन्‍तिम शनिकेँ होएत। ई निर्णए अध्‍यक्ष मण्‍डल एवं संचालन समिति तथा गोष्‍ठीमे उपस्‍थित सबहक विचारसँ भेल। ओना प्रस्‍ताव श्री राजदेव मण्‍डल ‘रमण’ जीक सेहो रहनि जे लकसेना (मधुबनी)मे हुअए। मुदा सर्वसम्‍मति भागलपुरेक रहल। अत: दीप आ पंजी वर्तमान गोष्‍ठीक संयोजक भावी संयोजककेँ देलखिन। संचालन समितिमे दुर्गानन्‍द मण्‍डल, ओम प्रकाश झा तथा उमेश मण्‍डल छला आ अध्‍यक्ष मण्‍डलमे शिव कुमार प्रसाद, श्‍यामानन्‍द चौधरी तथा सच्‍चिदानन्‍द ‘सचिद’। मो. गुल हसन एवं फिरोज आलम स्‍वागत गीत गौलनि, एवं स्‍वतीवाचन शिवकुमार मिश्र। तीन सत्रमे निम्न कार्यक्रमानुसार ऐ गोष्‍ठीक भरि रातिक यात्रा भेल- 
उद्घाटन सत्र- परिचए-पात तथा दू शब्‍द-
उद्घाटनकर्ता-
श्‍यामानन्‍द चौधरी
जगदीश प्रसाद मण्‍डल
पं. सच्‍चिदानन्‍द मिश्र ‘सचिद’
मिहिर झा महादेव
ओम प्रकाश झा
शिव कुमार प्रसाद
राजदेव मण्‍डल ‘रमण’
पोथी लोकार्पण सत्र-
(१) डीहक जमीन (विहनि/लघु कथा संग्रह) ओम प्रकाश झाजी केर
लोकार्पणकर्ता-
जगदीश प्रसाद मण्‍डल,
उमेश नारायण कर्ण,
राम विलास साहु।
(२) समरथाइक भूत (लघु कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्‍डलजी केर
लोकार्पणकर्ता-
ओम प्रकाश झा
सच्‍चिदानन्‍द ‘सचिद’
शम्‍भु सौरभ
(३) गामक शकल-सूरत (लघु कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्‍डलजी केर
लोकार्पणकर्ता-
श्‍यामानन्‍द चौधरी
अनुप कुमार कश्‍यप
राजदेव मण्‍डल ‘रमण’
उमेश नारायण कर्ण
(४) अप्‍पन-बीरान (लघु कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्‍डलजी केर
लोकार्पणकर्ता-
बेचन ठाकुर
फागुलाल साहु
मिहिर झा महादेव
रामाकान्‍त मिश्र
(५) बाल-गोपाल (लघु कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्‍डलजी केर
लोकार्पणकर्ता-
संजय कुमार मण्‍डल
सूर्य नारायण कामत (सूरज कामत)
शम्‍भु सौरभ
शिव कुमार प्रसाद
(६) लजबिजी (लघु कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्‍डलजी केर
लोकार्पणकर्ता-
बमभोली झा
दुर्गानन्‍द मण्‍डल
शिव कुमार प्रसाद
गांधी प्रसाद (सरपंच)
(७) पतझाड़ (लघु कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्‍डलजी केर
लोकार्पणकर्ता-
ओम प्रकाश झा
श्‍यामानन्‍द चौधरी
राम विलास साहु
नन्‍द विलास राय
(८) रटनी खढ़ (लघु कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्‍डलजी केर
लोकार्पणकर्ता-
अरविन्‍द चौधरी
अनुप कुमार कश्‍यप
कपिलेश्वर राउत
मो. गुल हसन
(९) शिव दर्शन (पद्य) पं. सच्‍चिदानन्‍द मिश्र
लोकार्पणकर्ता-
ओम प्रकाश झा
शम्‍भु सौरभ
शिव कुमार प्रसाद
कपिलेश्वर राउत
(१०) अभिलाषा (मैथिली भजनमाला) पं. सच्‍चिदानन्‍द मिश्र
लोकार्पणकर्ता-
श्‍यामानन्‍द चौधरी
बेचन ठाकुर (सरिसव पाही)
(११) सीडी लोकार्पण-
(१) मैथिली गजल: आगमन ओ प्रस्‍थान बिंदु (आलोचना संकलन) सं.सं- गजेन्‍द्र ठाकुर, आशीष अनचिन्‍हारजी केर
(२) सखुआवाली (विहनि/लघु कथा संग्रह) सं.सं- उमेश मण्‍डलक
(३) निर्मल सनेस (विहनि/लघु कथा संग्रह) सं.सं- उमेश मण्‍डलक
(४) देवघरक प्रसाद (विहनि/लघु कथा संग्रह) सं.सं- उमेश मण्‍डलक
(५) कथा बौद्ध सिद्ध मेहथपा- (विहनि/लघु कथा संग्रह) सं.सं- विदेह-
सम्‍मिलित रूपे लोकार्पण-
जगदीश प्रसाद मण्‍डल
शिव कुमार प्रसाद
ओम प्रकाश झा
राजदेव मण्‍डल ‘रमण’
कपिलेश्वर राउत।
कथा सत्र- कथा पाठ एवं समीक्षा-
पहिल पालीमे-
लोकतंत्रक माने- ओम प्रकाश झा-
टेटरा हीरा- नन्‍द विलास राय-
समीक्षा-
श्‍यामानन्‍द चौधरी
फागुलाल साह
शिव कुमार प्रसाद
अनुप कुमार कश्‍यप।
दोसर पाली-
पवित्र पापी- उमेश नारायण कर्ण-
जाति-पाति- दुर्गानन्‍द मण्‍डल
समीक्षा-
राम विलास साहु
राजदेव मण्‍डल ‘रमण’
संयज कुमार मण्‍डल
मिहिर झा महादेव
तेसर पाली-
एकर उत्तरदायी के?- शम्‍भु सौरभ
कमतिया हवेली- राम विलास साहु
समीक्षा-
उमेश मण्‍डल
फागुलाल साहु
सच्‍चिदा नन्‍द झा ‘सचिद’
बेचन ठाकुर (नाटकार)
चारिम पाली-
खेती-वाड़ी- बेचन ठाकुर
डीहक जमीन- ओम प्रकाश झा
समीक्षा-
शिव कुमार प्रसाद
मिहिर कुमार झा
बमभोली झा
शम्‍भु सौरभ
पाँचिम पाली-
बिआह- गौड़ी शंकर साह
इन्‍फेक्‍शन- फागुलाल साहु
समीक्षा-
कपिलेश्वर राउत
राम विलास साहु
शशिकान्‍त झा
उमेश नारायण कर्ण
छठिम पाली-
पाँच भूत- उमेश नारायण कर्ण
जरि गेल माइक आस- विपिन कुमार कर्ण
समीक्षा-
कपिलेश्वर राउत
नन्‍द विलास राय
ओम प्रकाश झा
अनुप कुमार कश्‍यप
सातिम पाली-
शिव विद्यापति- सच्‍चिदानन्‍द ‘सचिद’
भरम- लक्ष्‍मी दास
कलयुगक निर्णए- कपिलेश्वर राउत
समीक्षा-
शम्‍भु सौरभ
जगदीश प्रसाद मण्‍डल
श्‍यामानन्‍द चौधरी।
अंतमे अध्‍यक्षीय भाषण तथा धन्‍यवाद ज्ञापन।










मैथि‍ली साहि‍त्‍यक प्रसि‍द्ध सर्वहारा मंच “सगर राति‍ दीप जरय” केर ८३म कथा गोष्‍ठी फुलपरास अनुमण्‍डलक सखुआ-भपटि‍याही गामक उत्‍क्रमि‍त मध्‍य वि‍द्यालय परि‍सरमे दि‍नांक ३० अगस्‍तक (२०१४) साँझ छह बजेसँ शूरू भऽ ३१ अगस्‍तक भि‍नसर छह बजे धरि‍ आकर्षक अध्‍यक्ष मण्‍डल तथा संचालन समि‍ति‍ केर अन्‍तर्गत चलैत रहल। अध्‍यक्ष मण्‍डलमे डा. वि‍मल कुमार राय, डा. योगेन्‍द्र पाठक ‘वि‍यागी’, श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डल, श्री कमलेश झा, तथा डा. शि‍वकुमार प्रसाद रहथि‍, तहि‍ना मंचक संचालन समि‍ति‍मे श्री ओम प्रकाश झा, श्री राजदेव मण्‍डल आ श्री दुर्गानन्‍द मण्‍डल छला।
जहि‍ना जन सहयोगसँ ई गोष्‍ठी आयोजि‍त छल तहि‍ना भपटि‍याही, सखुआ, छजना, नरहि‍या, निर्मली, औरहा, बेरयाही, सुरयाही, रतनसारा, चतरापट्टी, नवटोली, कदमपुरा, पकड़ि‍या, लक्ष्‍मि‍नि‍याँ, गम्‍हरि‍या, बेलही इत्‍यादि‍ गामक तथा टोलक साहि‍त्‍य प्रेमीक उपस्‍थि‍ति‍ छल। नव-नव साहि‍त्‍य प्रेमी सोझाँ एला। पठि‍त कथापर त्‍वरि‍त समीक्षा/टि‍प्‍पणी दऽ केतेक गोटे अपन नव परि‍चए बनौलनि‍, देलनि‍ आ सोझा एला। जे सगर राति‍ दीप जरय’क उदेस रहल अछि‍। उपस्‍थि‍त साहि‍त्‍यकार सभ अह्लादि‍त भेला। केते गोटे अपन वि‍चार सेहो मंचेपर व्‍यक्‍त केलनि‍ जे अहि‍ना गोष्‍ठी जँ गाम-घरमे हएत तँ नव-नव लोकक प्रवेश स्‍वत: साहि‍त्‍य क्षेत्र होइत रहत, जइसँ समाजक संग साहि‍त्‍य डेग-मे-डेग मि‍ला कऽ चलत आ चलैत रहत। जइसँ जनजागरण हएत आ मैथि‍ली साहि‍त्‍यक मध्‍य एक खास अभावक पूर्ति सेहो हएत।
नारी केन्‍द्रि‍त गोष्‍ठी भेने नारी वि‍मर्श करैत अनेक कथा आएल। कथा मध्‍य ढेर रास नारी-समस्‍याकेँ चि‍न्हि‍त कएल गेल। समीक्षक लोकनि‍ अपन-अपन मत दैत भरि‍ राति‍क यात्राकेँ सफल बनौलनि‍। गामक कि‍छु नारीओ गोष्‍ठीमे एक श्रोता रूपमे उपस्‍थि‍त छेली।
गोष्‍ठीक आरम्‍भ सामुहि‍क रूपेँ वि‍धि‍वत् दीप प्रज्‍वलि‍त कऽ स्‍थानीय डा. वि‍मल कुमार राय, श्री सूरज नारायण राय ‘सुमन’, संग-संग कलकत्तासँ आएल डा. योगेन्‍द्र पाठक ‘वि‍याेगी’, भागलपुरसँ आएल श्री ओम प्रकाश झा एवं बेरमासँ आएल श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डलजी द्वारा करौल गेल।
छह पालीमे कुल २७ गोट नूतन वि‍हनि/लघु कथाक पाठ भेल। समीक्षा भेल, दर्जन भरि‍ पोथीक लोकार्पण भेल। जइमे दू गोट पोथी क्रमश: “कारू खि‍रहरि” आ “संत कारू खि‍रहरि”‍ अयोधी यादव ‘अमर’क। आ पाँच गोट लघु कथाक पोथीक साॅफ्ट कौपी क्रमश: “अप्‍पन-बीरान”, “पतझाड़”, “बाल-गोपाल”, “रटनी खढ़” तथा नारी केन्‍द्रि‍त कथा संग्रह “लजबि‍जी” जगदीश प्रसाद मण्‍डलक तहि‍ना दूटा पटकथा पहि‍ल “जाल” आ दोसर “पंचैती” राजदेव मण्‍डलक, एकटा कवि‍ता संग्रह “सूखल मन तरसल आँखि‍” मुन्नी कामतक आ बेचन ठाकुरक एकटा नाटक “भोँट” लोकार्पि‍त भेल। ८४म सगर राति‍ दीप जरयक आयोजन झंझारपुर अनुमण्‍डलक बेरमा गाममे शि‍वकुमार मि‍श्र जीक संयोजकत्‍वमे २० दि‍सम्‍बर-२०१४केँ होएत। बेरमा गाममे ७१म कथा गोष्‍ठी दि‍नांक ०२.१०.२०१०केँ मध्‍य वि‍द्यालय परि‍सर-बुढ़ि‍या गाछी-दुर्गा स्‍थान-मे भेल छल। एतेक दि‍नमे ई दोसर खेप छी।
अन्‍तमे संयोजक नन्‍द वि‍लास राय स्‍थानीय साहि‍त्‍य प्रेमी, जि‍नका सबहक वि‍शेष सहयोग छल ऐ आयोजनमे, तइ सभ बेक्‍तीकेँ धैनवाद ज्ञापन केलनि‍। संग-संग श्री गजेन्‍द्र ठाकुर दि‍ससँ श्रुति‍ प्रकाशनसँ प्रकाशि‍त मैथि‍लीक आधुनि‍क पोथी, सभ गोटेकेँ मंचेपर देल गेलनि‍। वि‍शेष सहयोगी सबहक नाओं ऐ तरहेँ अछि‍- डा. वि‍मल कुमार राय, श्री धीरेन्‍द्र कुमार, श्री सूरज नारायण राय, श्री अशोक कुमार राय, श्री सुन्‍दर लाल साह, मो. रि‍जवान, श्री सि‍याराम साह, श्री शम्‍भू सिंह, श्री यादव, श्री उमाकान्‍त राय, श्री जगत नारायण राय, श्री ब्रजनन्‍दन साह, श्री उमेश साह, श्री सुधीर साह, श्री रामकुमार मण्‍डल, श्री सत्‍य नारायण सिंह आ श्री लक्ष्‍मी मण्‍डल।
ब्रेकिंग-
अध्‍यक्ष मण्‍डल- डा. वि‍मल कुमार राय, डा. योगेन्‍द्र पाठक ‘वि‍यागी’, श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डल, श्री कमलेश झा, डा. शि‍वकुमार प्रसाद।
संचालन समि‍ति‍-
श्री ओम प्रकाश झा, श्री राजदेव मण्‍डल, श्री दुर्गानन्‍द मण्‍डल।
कथा पाठ एवं समीक्षा-
पहि‍ल सत्रमे- जगदीश प्रसाद मण्‍डल- “गावीस मोइस”; शारदानन्‍द सिंह- “की करब से अहीं कहू”; राजदेव मण्‍डल- “दोख केकर” तथा लक्ष्‍मी दास- “गंगाजलक धोल”
समीक्षा- योगेन्‍द्र पाठक ‘ि‍वयोगी’, कमलेश झा, वि‍मल कुमार राय, शि‍वकुमार प्रसाद, गौड़ी शंकर साह।
दोसर सत्रमे- दुर्गानन्‍द मण्‍डल- “छुतहरि‍”; कपि‍लेश्वर राउत- “बड़का खीरा”, योगेन्‍द्र पाठक वि‍यागी- “वि‍जय दृश्‍य-१, वि‍जय दृश्‍य दू-२”; ललन कुमार कामत- “बेटी”
समीक्षा- फागुलाल साहु, राजदेव मण्‍डल, अयोधी यादव ‘अमर’, कमलेश झा आ शि‍वकुमार प्रसाद।
तेसर सत्र- ओम प्रकाश झा- बेटीक बि‍याह, शि‍व कुमार प्रसाद- “झमकी”; राम ि‍वलास साहु- “अवि‍सबास”; हेम नारायण साहु- “बेसी भ’ गेल आब नै”
समीक्षा- उमेश मण्‍डल, शम्‍भु सौरभ, दुर्गानन्‍द मण्‍डल।
चारि‍म सत्र- उमेश मण्‍डल- “कोटाक चाउर”; फागुलाल साहु- “मर्दानी नारी”; शम्‍भु सौरभ- “लाजो”; शि‍व कुमार मि‍श्र- “बाल वि‍धवा”
समीक्षा- कमलेश झा, ओम प्रकाश झा, राजदेव मण्‍डल, उमेश नारायण कर्ण तथा दुर्गानन्‍द मण्‍डल।
पाँचि‍म सत्र- ओम प्रकाश झा- “कुलच्‍छनी”; गौड़ी शंकर साह- “छोटकी”; उमेश नारायण कर्ण- “यूज एण्‍ड थ्रो”; अच्‍छेलाल शास्‍त्री- “गुलटेनमा”; नन्‍द वि‍लास राय- “दि‍व्‍या”
समीक्षा- कमलेश झा, दुर्गानन्‍द मण्‍डल, राम कुमार मण्‍डल, फागुलाल साहु, राजदेव मण्‍डल।
छअम सत्र- राम वि‍लास साहु- “बौआ बाजल”; फागुलाल साहु- “चतुर बालक”; जगदीश प्रसाद मण्‍डल- “रेहना चाची”; शारदा नन्‍द सिंह- “फक द’ नि‍साँस छूटल”; डाॅ. कीर्ति नाथ झा- (वाचक- उमेश मण्‍डल) “शेफाली, फुलपरासवाली आ हम”
समीक्षा- अयोधी यादव, ओम प्रकाश झा, शम्‍भू सौरभ, ललन कुमार कामत, शि‍व कुमार मि‍श्र।
पोथी लोकार्पणकर्ता
डा. योगेन्‍द्र पाठक ‘वि‍योगी’/श्री कमलेश झा/श्री रामकुमार मण्‍डल- “कारु खि‍रहरि‍” अयोधी यादव ‘अमर’क
श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डल/ श्री राजदेव मण्‍डल/ डा. वि‍मल कुमार राय/ डा. शि‍वकुमार प्रसाद/ श्री शम्‍भु सौरभ- “संत कारू खि‍रहरि”‍ अयोधी यादव ‘अमर’क
श्री फागुलाल साहु- “सूखल मन तरसल आँखि‍” (कवि‍ता संग्रह)- मुन्नी कामतक
श्री शम्‍भु सौरभ- “कथा कुसुम” (वि‍हनि‍/लघु कथा संग्रह) दुर्गानन्‍द मण्‍डलक
श्री ब्रजनन्‍दन साह- “भोँट” (नाटक) बेचन ठाकुरक
श्री हेम नारायण साहु- “पंचैती” (पटकथा) राजदेव मण्‍डलक
श्री शि‍व कुमार मि‍श्र- “जाल” (पटकथा) राजदेव मण्‍डलक
श्री कमलेश झा- “अपन-बि‍रान” (लघु/वि‍हनि‍ कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्‍डलक
श्री उमेश नारायण कर्ण- “पतझाड़” (लघु/वि‍हनि‍ कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्‍डलक
श्री फागुलाल साहु- “रटनी खढ़” (लघु/वि‍हनि‍ कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्‍डलक
श्री राम कुमार मण्‍डल- “बाल-गोपाल” (लघु/वि‍हनि‍ कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्‍डलक
श्री ओम प्रकाश झा- “लजबि‍जी” (लघु/वि‍हनि‍ कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्‍डलक
-उमेश मण्‍डल
३१/०८/२०१४



82म सगर राति‍ दीप जरए -
स्‍थान- गजेन्‍द्र ठाकुर जीक नि‍ज आवास, गाम- मेंहथ, जि‍ला- मधुबनी।
दि‍नांक- 31 मई 2014 (शनि‍ दि‍न)
समए- संध्‍या छह बजेसँ
गोष्‍ठीक नाओं- कथा बौद्ध सि‍द्ध मेहथपा सगर राति‍ दीप जरए।
आयोजनक खेप- 82म आयोजन
संयोजक- गजेन्‍द्र ठाकुर
वि‍शेषता- बाल साहि‍त्‍यपर केन्‍द्रि‍त।
गोष्‍ठीक उद्घाटन- डॉ. कमलकान्‍त झा, राज देव मण्‍डल, डाॅ. शि‍व कुमार प्रसाद, शि‍वकुमार मि‍श्रा तथा जगदीश प्रसाद मण्‍डल।
स्‍वागत, गीत गाबि‍ केलनि‍- काशीनाथ झा ‘कि‍रण’
कथा गोष्‍ठीक अध्‍यक्षता केलनि‍- अरवि‍न्‍द ठाकुर
मंच संचालन केलनि‍- आनन्‍द कुमार झा आ उमेश मण्‍डल
अगि‍ला गोष्‍ठी स्‍थान- मधुबनी जि‍लाक भपटि‍याही गामक सखुआ टोलपर।
अगि‍ला गोष्‍ठीक केन्‍द्रबि‍न्‍दु- स्‍त्री वि‍मर्श।
आगि‍ला गोष्‍ठीक संयोजक हेता- नन्‍द वि‍लास राय।
अगि‍ला गोष्‍ठीक संभावि‍त ति‍थि‍- 30 अगस्‍त 2014 (शनि‍ दि‍न)
हकार देलनि‍- सामुहि‍क रूपे अगि‍ला गोष्‍ठी लेल हकार मंचपर नन्‍द वि‍लास राय देलनि‍।
समीक्षा/टि‍प्‍पणीमे भाग लेलनि‍- दुर्गानन्‍द मण्‍डल, शि‍वशंकर श्रीनि‍वास, राम वि‍लास साहु, बाल गोवि‍न्‍द्र गोवि‍न्‍दाचार्य, फागुलाल साहु, नन्‍द वि‍लास राय, शि‍वकुमार मि‍श्र, नारायणजी, कमलकान्‍त झा, काशीनाथ झा कि‍रण, शि‍वकुमार प्रसाद, बि‍पि‍न कुमार कर्ण, संजीव कुमार समा, उमेश नारायण कर्ण, शारदानन्‍द सि‍ंह, जगदीश प्रसाद मण्‍डल, संजय कुमार मण्‍डल, हेम नारायण साहु, पंकज सत्‍यम इत्‍यादि‍।
आठ गोट पोथीक लोकार्पण भेल-
1. बैशाखमे दलानपर- गद्य-पद्य संग्रह संग आत्‍मकथा लेखक- संदीप साफी। लोकार्पण- डाॅ. कमलकान्‍त झा, अरवि‍न्‍द ठाकुर, राजदेव मण्‍डल, सीताराम साफी
2. नेपालक नोर मरुभूमि‍मे- गद्य-पद्य संग्रह, लेखक- वि‍न्‍देश्वर ठाकुर। लोकार्पण- जगदीश प्रसाद मण्‍डल, नन्‍द वि‍लास राय, चन्‍डेश्वर खाँ।
3. उलहन- वि‍हनि‍ आ लघुकथा संग्रह, लेखक- कपि‍लेश्वर राउत। लोकार्पण- गजेन्‍द्र ठाकुर, शि‍व कुमार प्रसाद, दुर्गानन्‍द मण्‍डल।
4. On the Dice Board of the Millennium- Joity Jha Chaudhary. लोकार्पण- कमल कान्‍त झा, आनन्‍द कुमार झा, शि‍व कुमार प्रसाद।
5. The Science of Words कथा संग्रह, अनुवादक- गजेन्‍द्र ठाकुर। लोकार्पण- असीन ठाकुर, ललन कुमार कामत, अरवि‍न्‍द कुमार ठाकुर।
6. धांगि‍ बाट बनेबाक दाम अगूबार पेने छँ, गजल संग्रह, गजलकार- गजेन्‍द्र ठाकुर। लोकार्पण- बाल गोवि‍न्‍द यादव ‘गोवि‍न्‍दाचार्य’, उमेश पासवान, रामदेव प्रसाद मण्‍डल ‘झारूदार’ राम सेवक ठाकुर।
7. सहस्रजि‍त- पद्य संग्रह, लेखक- गजेन्‍द्र ठाकुर, लोकार्पण- बेचन ठाकुर, राम वि‍लास साहु, हेम नारायण साहु।
8. प्रबन्‍ध-नि‍बन्‍ध समालोचना भाग- 2, आलोचक- गजेन्‍द्र ठाकुर। लोकार्पण- अरवि‍न्‍द ठाकुर, जगदीश प्रसाद मण्‍डल, फागुलाल साहु, राजदेव मण्‍डल।
33 गोट वि‍हनि‍/लघु कथाक पाठ भेल-
1. अखि‍लेश मण्‍डल- ललि‍याएल मुँह
2. ललन कुमार कामत- स्‍कूलक फीस
3. जगदीश प्रसाद मण्‍डल- ‘अवाक्’ तथा ‘पल भरि’‍
4. चण्‍डेश्वर खाँ- ‘रोटी’ तथा ‘भोज’
5. लक्ष्‍मी दास- दुश्‍टपना
6. जगदानन्‍द मनु- ‘भगवानकेँ जे नीक लगनि‍’ तथा ‘बड़का बाबू’
7. उमेश पासवान- अजोह
8. शि‍व शंकर श्रीनि‍वास- हाथी आ गीदड़
9. बेचन ठाकुर- हरि‍या इन्‍सपेकटर
10. राम सेवक ठाकुर- मोटरीमे कथी छेलै
11. गौड़ी शंकर साह- परीक्षा
12. राम वि‍लास साहु- बोल-बोध
13. नन्‍द वि‍लास राय- अमर-मदन
14. शारदा नन्‍द सिंह- सुचीमे नाम’ तथा ‘एकर जवाबदेह के?
15. उमेश नारायण कर्ण- म्‍याऊँ म्‍याऊँ म्‍याऊँ
16. संजय कुमार मण्‍डल- एकन्‍त
17. शि‍व कुमार प्रसाद- अदि‍या
18. अजय कुमार दास ‘पि‍न्‍टूजी’- सचेतल प्रेम
19. पंकज सत्‍यम- जननायक
20. शि‍व कुमार मि‍श्र- गर्म आन्‍हर
21. दुर्गानन्‍द मण्‍डल- बुइध
22. फागुलाल साहु- माँ केर डाँट
23. राजदेव मण्‍डल- रूसल बौआ
24. कपि‍लेश्वर राउत- खराप
25. कमलकान्‍त झा- साँझक सुख
26. बि‍पि‍न कुमार कर्ण- निश्छल नारी
27. उमेश मण्‍डल- दूध
28. योगेन्‍द्र पाठक ‘वि‍योगी’- खजाना, कथा पाठ- उमेश मण्‍डल
29. गजेन्‍द्र ठाकुर- रेश
30. दीपाली झा- दादीक गाम, कथा पाठ- आनन्‍द कुमार झा
31. अरवि‍न्‍द ठाकुर- बेदरमैत












81म सगर राति‍ दीप जरए-देवघर
:: उमेश मण्‍डल
स्‍व. मायानन्‍द मि‍श्र तथा जीवकान्‍तक स्‍मृतकेँ समरपि‍त 81म सगर राति‍ दीप जरए केर आयोजन दि‍नांक 22 मार्च 2014केँ श्री ओम प्रकाश झाक संयोजकत्‍वमे संध्‍या 6 बजेसँ देवघरक बम्‍पास टॉनक बि‍जली कोठी-3 मे आयोजि‍त भेल। ओयोजनक उद्घाटन दीप प्रज्‍वलि‍त करि‍ कऽ श्री ओ.पी. मि‍श्राजी केलनि‍। मि‍थि‍लाक गाम-गामसँ आ भारतक शहर-शहरसँ आएल कथाकार, साहि‍त्‍यकार, समालोचक तथा साहि‍त्‍य प्रेमीक कसगर जुटान छल। साँझक पाँचे बजेसँ जुटान हुअ लगल। मि‍डि‍याकर्मीक थहाथही शुरू भऽ गेल।
शुभारम्‍भ मंगला चरणसँ श्री एस.के. मि‍श्राजी केलनि‍। झारूदारजी अपन सृजि‍त अनुपम गीत “हम नै छी अहाँ योग यौ पाहुन/ अहाँ छी बड़ा महान/ स्‍वागत स्‍वीकार करू श्रीमान्/ अहाँ छी गंगा अहाँ छी यमुना/ पग धुलसँ पावण भेल अँगना...।” गाबि उपस्‍थि‍त साहि‍त्‍यप्रेमी आ साहि‍त्‍यकारकेँ स्‍वागत केलनि‍।
पोथीक लोकार्पण शुरू भेल। गजेन्‍द्र ठाकुरक संग सम्‍पादनमे सम्‍पादि‍त मि‍थि‍लाक पंजी प्रबन्‍ध “जीनाेम मैपिंग भाग- 2” आ “जि‍नीयोलोजि‍कल मैपिंग” 950 एडीसँ 2009 एडी धरि‍क पंजीक लोकार्पण श्री ओम प्रकाश झा, डॉ. योगानन्‍द झा आ श्री राजीव रंजन मि‍श्रा जीक हाथे भेल। शि‍वकुमार झा ‘टि‍ल्‍लू’जी रचि‍त समालोचनाक पोथी “अंशु” केर लोकार्पण श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डल, श्री राजदेव मण्‍डल आ श्री बेचन ठाकुरजी केलनि‍। अंग्रेजी-मैथि‍ली शब्‍द कोष भाग-2, “मैथि‍ली-अंग्रेजी कम्‍प्‍यूटर शब्‍दकोष” तथा बेचन ठाकुरक “ऊँच-नीच” नाटकक लोकार्पण सेहो भेल।
दू शब्‍दक कड़ीमे प्रवेश केलौं। ओ.पी.मि‍श्रा, दि‍लीप दास, ओम प्रकाश झा, दैनि‍क समाचार पत्र प्रभात खबर केर सम्‍पादक श्री सशील भारती मैथि‍लीक दशा दि‍सापर अपन वि‍चार प्रकट केलनि‍। ओ कहलनि-‍
“अही तरहक आयोजन मैथि‍लीक सम्‍पूर्ण वि‍कासक मार्ग सहज बनौत।”
आयोजककेँ धन्‍यवाद ज्ञापन करैत एक-सँ-एक साहि‍त्‍यकार अपन मनक खुलता बात मैथि‍ली वि‍कास लेल स्‍वतंत्रा पूर्वक मंचपर रखलनि‍। मुख्‍य अति‍थि‍ ओ.पी. मि‍श्राजी सेहो एकटा सुन्‍दर गीत गाबि‍ स्‍वागतक भाव प्रकट केलनि‍। राजीव रंजनजी स्‍वलि‍खि‍त गजल गाबि‍ अपन भाव प्रकट केलनि‍। सगर राति‍ दीप जरए (सभ अज्ञानीमे ज्ञानक दीप जरौ) कथायात्राक मादे श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डलक वि‍चार बकतनक संग लि‍खतनमे सेहो वि‍स्‍तारपूर्वक आएल। दू पि‍ट्ठा कागत हाथे-हाथ बाँटल गेल। जे ऐ लिंकपर उपलब्‍ध अछि‍-
34 गोट लघुकथा/वि‍हनि‍ कथाक पाठ भेल। सात पालीमे बाँटि‍ सभ कथाक पाठ करौल गेल। अंति‍म पाली छोड़ि‍ छबो पालीमे पठि‍त कथापर तीन गोट समीक्षकक समीक्षा अबैत रहल आ समीक्षाक समीक्षा सेहो होइत रहल। समीक्षाक समीक्षा केनि‍हार सभ छला राजदेव मण्‍डल, नन्‍द वि‍लास राय, भाष्‍कर झा, उमेश मण्‍डल, चन्‍दन झा, डॉ. धनाकर ठाकुर, बि‍पीन कुमार कर्ण इत्‍यादि‍। प्रति‍समीक्षाक क्रममे एक गोट वि‍चारणीय टि‍प्पणी आएल। ओ छल, युवा समीक्षकक। अपन वि‍चार व्‍यक्‍त करैत कहलखि‍न- “समसामयि‍क कथाक गहराइकेँ आधुनि‍क पाठक स्‍वागत नै करए चाहैए। से ई कथाक दोष भेल। फलस्‍वरूप पाठकक अभाव अछि‍।” संचालक गजेन्‍द्र ठाकुरजी ऐ वि‍चारपर असहमति‍ जँतौलनि‍। कहलखि‍न- “ई तँ भाषाक वि‍शेषता छि‍ऐ जे कथानककेँ गहराइ प्रदान करै छै। जेकर अभाव मैथि‍ली साहि‍त्‍यकेँ पाठक वि‍हि‍न केने रहल।” ऐ तथ्‍यकेँ सत्‍यापि‍त करैत ठाकुरजी आइसलैण्‍डक भाषाक जि‍कि‍र केलनि‍।
दू सत्रक पछाति‍ भोजनावकाश भेल। मि‍थि‍लाक खान-पानक आधुनि‍क रूप अकति‍यार केने छला आयोजक। करीब 125 गोटे एक पाँति‍मे बैस भोजन केलनि‍। ऐ तरहक समायोजनसँ हुनका मुँहक रोहानी फुलाएल गुलाबक फूल सन देखबामे आएल। बारीक सभ फुदैक-फुदैक अपन-अपन जि‍म्‍माकेँ जीतैत खेलाड़ी जकाँ निर्वहन करैत देखल गेला। भोजनक घंटा भरि‍ पछाति पुन: अगि‍ला सत्रक यात्रा शुरू भेल। पठि‍त कथापर समीक्षा हेतु वि‍शेष सुि‍वधा प्रदान कएल गेल छल। ओइ ई जे जँ समीक्षक पठि‍त कथाकेँ कोनो कारणे धि‍यानसँ नै सुनि‍ पबथि‍ तँ हुनका लेल कथाक पाण्‍डुलि‍पि‍ उपलब्‍ध करौल जाइ छल। संचालकक कहब रहनि‍ जे मैथि‍ली साहि‍त्‍यमे समीक्षाक स्‍थि‍ति‍ उमदा नै अछि‍। ऐपर श्री अरवि‍न्‍द ठाकुर असहमति‍ व्‍यक्‍त केलनि‍। ओ कहलनि‍- “सगर राि‍तक अलि‍खि‍त नि‍अम रहल अछि‍ जे समीक्षापर समीक्षासँ गोष्‍ठीमे वि‍वाद बढ़ि‍ सकैए तँए एहेन कार्यसँ बँचक चाही।”
सम्‍पूर्ण कार्यक्रमक लाइव प्रसारण कएल गेल। सगर राति‍क इति‍हासक पन्नामे ई एक गोट अनुपम कार्य सि‍द्ध हएत। सम्‍पूर्ण कार्यक्रमक वि‍डिओ यू-ट्यूबपर उपलब्‍ध करौल जाएत तेकरो बेवस्‍था आयोजक केने छला। मैथि‍ली साहि‍त्‍यकेँ पूर्णत: इलेक्‍ट्रॉनि‍क स्‍पोर्ट भेटौ ऐ हेतु आयोजक प्रति‍वद्ध छला।
अगि‍ला गोष्‍ठी हेतु दू गोट प्रस्‍ताव आएल। बहुसंख्‍यक साहि‍त्‍यकारक वि‍चारकेँ आगू बढ़बैत अध्‍यक्ष श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डल भावी संयोजककेँ दीप आ उपस्‍थि‍ति‍ पुस्‍ति‍का हश्‍तगत करौलनि‍। 31 मई 2014केँ मधुबनी जि‍लाक मेंहथ गाममे 82म कथा गोष्‍ठी हेतु भावी संयोजक श्री गजेन्‍द्र ठाकुर समगर्दा हकार दऽ सभकेँ आमंत्रि‍त करैत कहलखि‍न- बालकथापर केन्‍द्रि‍त अगि‍ला गोष्‍ठी आयोजि‍त हएत।”
अंतमे संयोजक श्री ओम प्रकाश झा आयोजक धन्‍यवाद ज्ञापन करैत कहलनि‍-
“81m Sagar Raati Deep Jaray katha Gosthi 22 March 2014 saanjh sa shuru bha ka 23 March 2014 ke bhor me safalta poorvak Deoghar me sampann bha gel. Ehi beruka katha gosthi ke swargiy Mayanand babu aa swargiy Jeevkant ke samarpit kayal gel. Gosthik adhyakshta sri Jagdish Pd Mandal kayalanhi aa sanchalak chhalaah Sri Gajendra Thakur. Mukhy atithi Sri O. P. Mishra chhalaah. Kul 29 got kathaakaarak dwara 35 got katha paaTh kayal gel. Samalochna seho badd neek rahal. Kul milaa ka kathaa goshthi ekTa neek workshop saabit bhel. Katha goshthi me aaynihaar sab kathakaar lokani ke hum hriday sa aabhari chhi. Sangahi ahaa sab shubhkaamna denihaar mitra sabhak seho aabhari chhi. Kichhu gote anupasthitik khed prakaT karait shubhkaamna prakaT kelanhi, hunko sabhak aabhari chhi. Je jaani boojhi ka nai aylaah tinko aabhari chhi kiyak ta hunkar vyavhaar humra bheetar Maa Maithilik prati pratibaddhtaa aar badhaa delanhi.”
81म सगर राति‍ दीप जरए- देवघरमे सुसम्‍पन्न भेल 82म कथा गोष्‍ठी मेंहथमे होएत
मायानन्‍द मि‍श्र जीवकान्‍त स्‍मृति‍-सगर राति‍ दीप जरए केर 81म कथा गोष्‍ठी– देवघर (झारखण्‍ड)
संयोजक- ओम प्रकाश झा
उद्घाटन सत्र-
दीप प्रज्‍वलन- श्री ओ.पी. मि‍श्रा एवं समस्‍त कथाकार
संचालन- ओम प्रकाश झा
लोकार्पण सत्र-
अध्‍यक्ष- जगदीश प्रसाद मण्‍डल
मुख्‍य अति‍थि‍- श्री ओ.पी. झा आ श्री गजेन्‍द्र ठाकुर
संचालक- उमेश मण्‍डल
दू शब्‍द-
1. ओ.पी. झा, अवकाश प्राप्‍त अभि‍यंता- झारखण्‍ड सरकार
2. सुशील भारती, संपादक, प्रभात खबर हि‍न्‍दी दैनि‍क।
3. दि‍लीप दास
4. ओम प्रकाश झा
5. मिथि‍लेश कुमार
6. जगदीश प्रसाद मण्‍डल
कथा सत्र-
अध्‍यक्ष- श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डल, वरि‍ष्‍ठ साहि‍त्‍यकार
मंच संचालक- श्री गजेन्‍द्र ठाकुर, संपादक, ‘वि‍देह’ इण्‍टरनेशनल ई-जनरल
पहि‍ल सत्रमे पठि‍त कथा एवं कथाकार-
असली हीरा- श्री दुर्गानन्‍द मण्‍डल (निर्मली)
रि‍क्‍शाक भाड़ा आ बुधि‍ए बताह- श्रभ्‍ फागुलाल साहु (सखुआ)
बुढ़ि‍या मैया- ओम प्रकाश झा (भागलपुर)
केते बेर- उमेश मण्‍डल (निर्मली)
समीक्षक-
योगानन्‍द झा
राजदेव मण्‍डल
अरवि‍न्‍द ठाकुर
प्रमोद कुमार झा
समीक्षाक समीक्षक
नन्‍द वि‍लास राय
चन्‍दन झा
धनाकर ठाकुर
दोसर सत्र-
सभसँ बड़का भी.आई.पी. गेष्‍ट- श्री नन्‍द वि‍लास राय (भपटि‍याही)
डरक डंका- श्री राजदेव मण्‍डल (मुसहरनि‍याँ)
ई छी हमर मजबूरी आ इमानदारीक पाठ- श्री राम वि‍लास साहु (लक्ष्‍मि‍नि‍याँ)
अप्‍पन माए-बाप- श्री ललन कुमार कामत (ललमनि‍याँ)
तेसर सत्र-
छि‍न्ना-झपटी- श्री शि‍व कुमार मि‍श्र (बेरमा)
बड़का मोछ- श्री कपि‍लेश्वर राउत (बेरमा)
उतेढ़क श्राद्ध- श्री शम्‍भू सौरभ (बैका)
जाति‍क भोज- श्री उमेश पासवान (औरहा)
चारि‍म सत्र-
गुरुदक्षि‍णा- डाॅ. योगानन्‍द झा (कबि‍लपुर)
अपराध- श्री पंकज सत्‍यम् (मधुबनी लगक)
ककर चरवाही आ चुनावधर्मी लोक- डॉ. उमेश नारायण कर्ण
कबाउछ- डॉ. धनाकर ठाकुर
पाँचम सत्र-
आन्‍हर- श्री अखि‍लेश कुमार मण्‍डल (बेरमा)
सरकारीए नौकरी कि‍एक- बि‍पीन कुमार कर्ण (रेवाड़ी)
बनमानुष आ मनुष- डाॅ. शि‍वकुमार प्रसाद (सि‍मरा)
वृधापेंसन आ मजबुरी- श्री शारदानन्‍द सि‍ंह
पानि‍- श्री बेचन ठाकुर
छअम सत्र-
सत्ता-चरि‍त- श्री अरवि‍न्‍द ठाकुर (सुपौल)
बापक प्राण- श्री भाष्‍करानन्‍द झा भाष्‍कर (कोलकाता)
संबोधन- श्री चन्‍दन कुमार झा (कोलकाता)
ठीका- श्री आमोद कुमार झा
चौठि‍या- श्री अच्‍छेलाल शास्‍त्री (सोनवर्षा)
सातम सत्र-
तखन, जखन- श्री गजेन्‍द्र ठाकुर (दि‍ल्‍ली)
चैन-बेचैन- श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डल (बेरमा)
ऐ तरहेँ देवघरक गोष्‍ठीमे कुल कथाकारक संख्‍या 29 छल। 34 गोट कथाक पाठ भेल।




80म सगर राति‍ दीप जरय'' निर्मलीमे 45 गोट पोथीक लोकार्पण-

बाल निबंध-

1. देवीजी (ज्योती झा चौधरी) कवि‍ राजदेव मण्डल

वि‍वि‍धा-

1. कुरुक्षेत्रम अन्तर्मनक- (गजेन्द्र ठाकुर) डॉ. बचेश्वर झा

शब्द.कोष-

1. अंग्रजी-मैथि‍ली शब्दकोष- (गजेन्द्र ठाकुर) डॉ. रामाशीष सिंह
2. मैथि‍ली-अंग्रेजी शब्दकोष- (गजेन्द्र ठाकुर) डॉ. अशोक अवि‍चल
वि‍हनि‍ कथा संग्रह-
1. बजन्ता-बुझन्ता (जगदीश प्रसाद मण्डाल) अनुमण्‍डलाधि‍कारी अरूण कुमार सिंह
2. तरेगन- दोसर संस्करण (जगदीश प्रसाद मण्डल)- वि‍धायक सतीश साह

लघु कथा संग्रह-
1. सखारी-पेटारी (नन्द वि‍लास राय) डॉ. शि‍वकुमार प्रसाद
2. उलबा चाउर (जगदीश प्रसाद मण्डल) वि‍नोद कुमार ‘वि‍कल’
3. अर्द्धांगि‍नी (जगदीश प्रसाद मण्डल) दुर्गानन्द मण्डल
4. सतभैंया पोखरि‍ (जगदीश प्रसाद मण्डल) प्रो. जयप्रकाश साह
5. भकमोड़ (जगदीश प्रसाद मण्डल) फागुलाल साहु

दीर्घ कथा संग्रह-

1. शंभुदास (जगदीश प्रसाद मण्डल) सदरे आलम गौहर

कवि‍ता संग्रह-

1. बसुन्धरा (राजदेव मण्‍डल) गजलकार ओम प्रकाश झा
2. राति‍-दि‍न (जगदीश प्रसाद मण्डल) रामजी प्रसाद मण्डल
3. रथक चक्का उलटि‍ चलै बाट (रामवि‍लास साहु) नाटककार बेचन ठाकुर
4. नि‍श्तुकी दोसर संस्‍करण (उमेश मण्डल) जनकवि‍ रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’
5. इन्द्र्धनुषी अकास (जगदीश प्रसाद मण्डल) पत्रकार राम लखन यादव
6. प्रतीक (मनोज कुमार कर्ण मुन्नाजी) अधि‍वक्‍ता वीरेन्द्र कुमार यादव

गजल संग्रह-

1. क्यो जानि‍ नै सकल हमरा (ओम प्रकाश झा) साहि‍त्‍यकार जगदीश प्रसाद मण्डल
2. माझ आंगनमे कति‍याएल छी (मनोज कुमार कर्ण मुन्नाजी) गायक रामवि‍लास यादव
3. मोनक बात (चन्दन कुमार झा) डॉ. शि‍वकुमार प्रसाद
4. अंशु (अमि‍त मि‍श्र) कथाकार कपि‍लेश्वर राउत

गीत संग्रह-

1. गीतांजलि‍ (जगदीश प्रसाद मण्डल) अमीत मि‍श्र
2. तीन जेठ एगारहम माघ (जगदीश प्रसाद मण्डल) चन्दन कुमार झा
3. सरि‍ता (जगदीश प्रसाद मण्डल) बालमुकुन्द
4. सुखाएल पोखरि‍क जाइठ (जगदीश प्रसाद मण्डल) बि‍पीन कुमार कर्ण
5. हमरा बि‍नु जगत सुन्ना छै (रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’) अधि‍वक्‍ता मनोज कुमार बि‍हारी
6. क्षणप्रभा- (शि‍व कुमार झा ‘टि‍ल्लू‘’) राजाराम यादव

अनुवाद साहि‍त्य-

1. पाखलो (उपन्यास (कोंकणीसँ हि‍न्दी सेवी फर्णांडि‍स एवं शंभु कुमार सिंह तथा हि‍न्दी‍सँ मैथि‍ली शंभु कुमार सिंह- कवि‍ शंभु सौरभ

नाटक-

1. रि‍हलसल (रवि‍ भूषण पाठक) कवि‍ राम वि‍लास साफी
2. बि‍सवासघात (बेचन ठाकुर) बाल गोवि‍न्द यादव ‘गोवि‍न्दाचार्य’
3. बाप भेल पि‍त्ती आ अधि‍कार (बेचन ठाकुर) कवि‍ रामवि‍लास साहु
4. रत्नाकार डकैत (जगदीश प्रसाद मण्डल) कि‍शलय कृष्ण
5. स्वयंवर (जगदीश प्रसाद मण्डल) कवि‍ शंभु सौरभ
6. पंचवटी एकांकी संचयन- (जगदीश प्रसाद मण्डल) उपन्‍यासकार राजदेव मण्डल
7. कम्‍प्रोमाइज- (जगदीश प्रसाद मण्डल) कथाकार राम प्रवेश मण्डल
8. झमेलि‍या बि‍आह (जगदीश प्रसाद मण्डल) अधि‍वक्‍ता वीरेन्द्र् कुमार यादव

उपन्यास

1. हमर टोल (राजदेव मण्डल) कवि‍ हेम नारायण साहु
2. जीवन संघर्ष (दोसर संस्करण) जगदीश प्रसाद मण्डाल) नारायण यादव
3. बड़की बहि‍न (जगदीश प्रसाद मण्डल) कवि‍ शारदा नन्द सिंह
4. जीवन-मरण (दोसर संस्करण) (जगदीश प्रसाद मण्डल) डाकबाबू छजना
5. नै धाड़ैए (बाल उपन्यास, जगदीश प्रसाद मण्डल) गुरुदयाल भ्रमर
सह्त्रबाढ़नि‍ (ब्रेल लि‍पि‍) गजेन्द्र ठाकुर) शि‍क्षक मनोज कुमार राम

वायोग्राफी-

1. जगदीश प्रसाद मण्डल एकटा वायोग्राफी- (गजेन्द्र ठाकुर) कवि‍ उमेश पासवान
संस्‍मरण साहि‍त्‍य-
मध्य प्रदेशक यात्रा (ज्योति‍ झा चौधरी) कथाकार नन्द वि‍लास राय

80म कथा गोष्ठी “कथा मि‍लन सदाय-सगर राति‍ दीप जरय” निर्मलीमे पठि‍त कथा एवं कथाकारक नाओं-
1. जीवपर दया करी- पल्लवी कुमारी
2. स्पेशल परमीट- ओम प्रकश झा
3. ढेपमारा गोसाँइ- ओम प्रकाश झा
4. ओ स्त्री - सदरे आलम गौहर
5. बाल अधि‍कार- नारायण झा
6. मांग- अमि‍त मि‍श्र
7. नवतुरि‍या- अमि‍त मि‍श्र
8. जनता लेल- अमि‍त मि‍श्र
9. थ्रीजी- मुकुन्द मयंक
10. पढ़ाइ आ खेती- बि‍पीन कुमार कर्ण
11. बदरि‍या मूसक घर- उमेश पासवान
12. अपन घर- लक्ष्मी दास
13. मि‍त्र- नारायण यादव
14. प्रेम एगो अचम्भा - बाल मुकुन्द पाठक
15. भगवानक पूजा- संजय कुमार मण्डल
16. वि‍पन्नता- पंकज सत्‍यम
17. गौतमक अहि‍ल्या-- दुखन प्रसाद यादव
18. तरकारीक चोर- ललन कुमार कामत
19. व्यंग्य- मि‍थि‍लेश कुमार व्यास
20. खेनि‍हारक लेखा- चंदन कुमार झा
21. चाहबला- कपि‍लेश्वर राउत
22. बि‍लाइ रस्ता काटि‍ देलक- राम वि‍लास साहु
23. भैरवी- रौशन कुमार झा
24. संदेह- शारदा नन्द सिंह
25. अंधवि‍श्वास- शम्भू सौरभ
26. डीजे ट्रोली- बेचन ठाकुर
27. मुखि‍याजी सँ मंत्री धरि‍ एक्के रंग- दुर्गा नन्द ठाकुर
28. कारागार- कि‍शलय कृष्ण
29. पैघ लोक के?- नन्द वि‍लास राय
30. पेंच-पाँच- शि‍व कुमार मि‍श्र
31. महेशबाबूक चौकपर एकदि‍न- गौड़ी शंकर साह
32. परि‍वर्त्तन- राजदेव मण्डल
33. एकघाप जमीन- जगदीश प्रसाद मण्डल
34. गइ बुढ़ि‍या हम बड़ बि‍हर छी- डॉ. शि‍व कुमार प्रसाद
35. भीखमंगा- डॉ. अशोक अवि‍चल

मिथिलांचलक प्रसिद्ध साहित्यिक मंच “सगर राति‍ दीप जरय” केर 80म आयोजन जे निर्मली (सुपौल)मे स्थानीय कलाकार स्व. मि‍लन सदाय केर नाओंपर आयोजित छल तइ कथा गोष्ठीमे जे समीक्षक-आलोचक सभ पठि‍त कथापर समीक्षा केने रहथि‍, आलोचना केने रहथि‍ से सूची निम्न अछि‍-
डॉ. शिव कुमार प्रसाद
ओम प्रकाश झा
राजदेव मण्डल
जगदीश प्रसाद मण्डल
डॉ. अशोक अवि‍चल
डॉ. रामाशीष सिंह
उमेश पासवान
चन्दन कुमार झा
राम वि‍लास साहु
फागुलाल साहु
पंकज सत्यम्
किशलय कृष्ण
शंभु सौरभ
कपिलेश्वर राउत
बाल गोवि‍न्द यादव गोवि‍न्दा‍चार्य
वीरेन्द्र कुमार यादव
राम वि‍लास साफी
शि‍व कुमार मि‍श्र
दुर्गानन्द मण्डल
नारायण यादव
संजय कुमार मण्‍डल
राम प्रवेश मण्डल
नारायण यादव
बालमुकुन्द पाठक
बेचन ठाकुर
दुर्गानन्द ठाकुर
शारदा नन्द सिंह








सगर राति‍ दीप जरय’क 79म आयोजन ‘कथा कोसी’ नामक वैनरक नीचाँ दि‍नांक 15 जून संध्‍या 6.30 बजेसँ शुरू भऽ 16 जूनक भि‍नसर 6 बजे धरि‍ लौकही थाना अन्‍तर्गत औरहा गामक मध्‍य वि‍द्यालयक नव नि‍र्मित भवनमे श्री उमेश पासवानक संयोजकत्‍वमे गोष्‍ठी सुसम्‍पन्न भेल। अगि‍ला ८०म गोष्‍ठी सुपौल जि‍लाक निर्मलीमे हेबाक लेल उमेश मण्‍डल प्रस्‍ताव आएल जे सर्वसम्मति‍सँ मान्‍य भऽ घोषित भेल।
      श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डल एवं श्री रामचन्‍द्र पासवान जीक संयुक्‍त  अध्‍यक्षतामे तथा श्री वीरेन्‍द्र कुमार यादव आ श्री दुर्गागान्‍द मण्‍डलक संयुक्‍त  संचालनमे ऐ कथा गोष्‍ठीक भरि‍ राति‍क यात्रा भेल। गोष्‍ठीक  शुभारम्‍भ श्री लक्ष्‍मी नारायण सिंह एवं श्री रामचन्‍द्र पासवानजी संयुक्‍त रूपे दीप प्रज्‍वलि‍त कऽ  उद्घाटन केलनि‍।
      वि‍देह-सदेह-5 वि‍देह मैथि‍ली वि‍हनि‍ कथा, वि‍देह सदेह-6 वि‍देह मैथि‍ली लघुकथा, वि‍देह-सदेह-7 वि‍देह मैथि‍ली पद्य, वि‍देह-सदेह-8 वि‍देह मैथि‍ली नाट्य उत्‍सव, वि‍देह-सदेह-9 वि‍देह मैथि‍ली शि‍शु उत्‍सव तथा वि‍देह-सदेह-10 वि‍देह मैथि‍ली प्रबन्‍ध-नि‍बन्‍ध-समालोचना नामक पोथीक लोकार्पण स्‍थानीय वि‍द्वतजन श्री संजय कुमार सिंह, श्री रामचन्‍द्र पासवान, श्री मि‍थि‍लेश सिंह, श्री राजदेव मण्‍डल, श्री लक्ष्‍मी नारायण यादव तथा श्री वीरेन्‍द्र प्रसाद सिंह द्वारा भेल हाथे भेल।
      लोकार्पण सत्रक पछाति‍ दू-शब्‍दक एकटा महत्‍वपूर्ण सत्रक सेहो आयोजन भेल जइमे श्री रामचन्‍द्र पासवान, श्री बेचन ठाकुर, श्री कपि‍लेश्वर राउत, श्री कमलेश झा, श्री राजदेव मण्‍डल, श्री राम वि‍लास साहु, श्री उमेश नारायण  कर्ण, श्री रामानन्‍द झा ‘रमण’, श्री शंभु सौरभ, श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डल, डॉ शि‍वकुमार प्रसाद, श्री अरूणाभ सौरभ तथा श्री उमेश मण्‍डल तथा संयोजक श्री उमेश पासवान द्वारा ‘सगर राति‍ दीप जरय’ कथा गोष्‍ठीक दीर्घ यात्रा तथा उदेसपर सभागारमे उपस्‍थि‍त दूर-दूरसँ आएल कथाकार, समीक्षक-आलोचक एवं स्‍थानीय साहि‍त्‍य प्रेमीक मध्‍य मंचसँ अपन-अपन मनतव्‍य  रखलनि‍। जइमे सगर राति‍क 75म आयोजनक पश्चात 76म आयोजन जे श्री देवशंकर नवीन दि‍ल्‍लीमे करेबाक घोषना तँ केने रहथि‍ मुदा से नै करा साहि‍त्‍य  अकादेमी द्वारा आयोजि‍त कथा गोष्‍ठीकेँ गनि नेने रहथि‍ जहू गि‍नतीकेँ सोझरौल गेल आ तँए ऐ गोष्‍ठीकेँ श्री उमेश पासवान अपन इमानक परि‍चए दैत ७९ म गोष्‍ठीक आयोजन केलनि‍। ओ कहलनि‍ जे हम सभ अर्थात् वि‍देह मैथि‍ली साहि‍त्‍य  आन्‍दोलनसँ जूड़ल मैथि‍ली वि‍कास प्रेमी छी। हम सभ ७७म, ७८ म आयोजनक आयोजन कर्ताकेँ स्‍पष्‍ट रूपे कहैत एलि‍यनि‍ जे मुदा हमरा सबहक बात नहियेँ वि‍भारानी मानलनि‍ आ नहि‍येँ कमलेश झा मानलनि‍। मुदा से हमहूँ नै मानब आ सही-सही गि‍नती करब। आ तही दुआरे ऐ गोष्‍ठीक आयोजन ७९मे आयोजन तँइ भेल, आयोजि‍त भेल। हलाँकि‍ दरभंगासँ आएल कथाकार श्री हीरेन्‍द्र कुमार झाक उकसेला पर रहुआसँ आएल श्री वि‍नय मोहन झा जगदीश, श्री दुखमोचन झा आ दरभंगेसँ आएल श्री अशोक कुमार मेहता हीरेन्‍द्र  झाक संग गोष्‍ठीक आरम्‍भक घंटा भरि‍क पछाति‍ चलि‍ जाइ गेला।

      जीवि‍ते नर्क (उमेश मण्‍डल), शि‍क्षाक महत (राम वि‍लास साहु), बि‍आहक पहि‍ल गि‍रह (दुर्गानन्‍द मण्‍डल), बौका डाँड़ (लक्ष्‍मी दास), बंश (कपि‍लेश्वर राउत), टाटीक बाँस (राम देव प्रसाद मण्‍डल ‘झारूदार’), सगतोरनी (शि‍वकुमार मि‍श्र), पाथर, पि‍यक्कर, जोगार आ अंग्रेज नैना (अमीत मि‍श्र), संत आकि‍ चंठ (बेचन ठाकुर), अछोपक छाप (शम्‍भु सौरभ), नमोनाइटिस (उमेश नारायण कर्ण), द्वादशा (सुभाष चन्‍द्र ‘सि‍नेही’), राँड़ि‍न (रोशन कुमार ‘मैथि‍ल’), पँचवेदी (अखि‍लेश कुमार मण्‍डल), मुइलो बि‍सेबनि (जगदीश प्रसाद मण्‍डल) इत्‍यादि‍ महत्‍वपूर्ण लघु कथा/वि‍हन‍ कथाक पाठ भेल आ सत्रे-सत्र मौखि‍क टि‍प्‍पणी आ समीक्षा भेल।
अछोपक छाप (शम्‍भु सौरभ) क समीक्षाक क्रममे श्री रमानन्द झा "रमण" कथावस्तुसँ अपन असहमति देखेलनि आ कहलनि- " नै आब ई गप नै अछि, एकटा गप एतै देखियौ, हम  रमानन्द झा "रमण" श्रोत्रिय उच्च कुलक, आ कतऽ आएल छी! उमेश पासवानक दरबज्जापर!" श्री बेचन ठाकुर  श्री रमानन्द झा "रमण"क नव-ब्राह्मणवादी सोचक  विरोध करैत कहलनि- " लोकक मगजमे अखनो जाति-पाति भरल छै, मैलोरंगक प्रकाश झा तेँ ने कहै छथि जे बेचन ठाकुर भरि दिन तँ केश काटैत रहैए, ई रंगमंच की करत!! श्रीधरमकेँ सेहो ई गप बुझल छन्हि। माने मैथिली साहित्यकार, समीक्षक आ रंगमंचसँ जुड़ल ब्राह्मणवादी आ नव-ब्राह्म्णवादी सोचक लोककेँ देखैत  ई कहल जा सकैए। २१म शताब्दीमे श्री रमानन्द झा "रमण"क बयान ई देखबैत अछि जे  कोना ओ उमेश पासवानक दरबज्जापर आबि उपकृत करबाक भावनासँ ग्रसित छथि।
अगि‍ला ८०म गोष्‍ठी सुपौल जि‍लाक निर्मलीमे हेबाक लेल उमेश मण्‍डल प्रस्‍ताव आएल जे सर्वसम्मति‍सँ मान्‍य भऽ घोषित भेल।

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